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संस्था के बारे में
डी.एन.जैन बोर्डिगं हाउस सोसइटी के तत्वावधन में सन्चालित डी.एन. जैन महाविद्यालय की स्थापना 1 जुलाई, 1949 को सामाजिक चेतना के अग्रदूत, दानवीर स्वर्गीय सवाई सिंघई मुन्नी लाल जी एवं वाणिज्य शिक्षा शास्त्री तथा प्राचार्य स्वर्गीय श्री भगवत शरण अधोलिया के स्तुत्य योगदान से हुई| अपनी स्थापना के समय से ही इस महाविद्यालय ने शिक्षण उन्न्यन एवं विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक गुणों के विकास पर पर्याप्त दिया, ताकि छात्र योग्य तथा जिम्मेदार भारतीय नागरिक बन सकें | संस्था में जो निरंतर विकास की गंगा प्रवाहित हो रही है| इसके पीछे हमारी संस्था के भीष्म पितामह उदार समाजसेवी एवं शुभचिंतक पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय डॉ. देवकुमार सिंघई की समर्पित कार्यप्रणाली व सुयोग्य मार्गदर्शन रहा है | वर्तमान में महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र जैन एवं डी.एन.जैन बोर्डिगं हाउस सोसइटी के अध्यक्ष सवाई सिंघई डॉ. राजेन्द्र कुमार जी के मार्गदर्शन में संस्था निरंतर प्रगति की ओर गतिशील है | महाविद्यालय को सशक्त, भविष्यदर्शी निर्देशन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्याम मोहन द्विवेदी के द्वारा प्राप्त हो रहा है |आपके द्ढ संकल्पों से, महाविद्यालय में प्रत्येक क्षेत्र में ऊर्जा प्रवाहित हो रही है तथा महाविद्यालय ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में अपना विशिष्ट स्थान प्राप्त किया है |

इस महाविद्यालय में कला, वाणिज्य एवं विज्ञान के परम्परागत पाठ्यक्रमो के साथ रोजगारन्मुखी पाठ्यक्रम बी.काम. में सामान्य विषयों के अलावा कम्प्यू्टर एप्लीकेशन्स, टैक्स प्रोसीजर्स एण्ड प्रेक्टिस, बी.एस-सी में बॉयोटैक्नालॉजी, माइक्रोबायलॉजी, बायो कैमेस्ट्री साइन्स कम्प्यू्टर, कम्प्यू्टर एप्लीकेशन्स विषय प्रारभं है |

महाविद्यालय का ग्रंथालय अंत्यत सुसंगठित, सुव्यवस्थित एवं वृहद है | महाविद्यालय शिक्षा, कला, वाणिज्य एवं विज्ञान विषयक पुस्तकों, संदर्भ ग्रंथों तथा पत्र-पत्रिकाओं की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध एवं संपन्न है | महाविद्यालय में महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित ज्ञानकोष उपलब्ध है | महाविद्यालय मे अधुनातन कम्प्यू्टर केन्द्र की व्यवस्था है, जिसमें अद्यानूतन कंप्यूटर शिक्षा एवं इंटरनेट की सुविधा उप्ल्ब्ध है| इसके अतिरिक्त आधुनिक संसाधनों से युक्त ई-क्लास रूम एवं उपयोगी उंत्र व उपकरण अध्ययन-अध्यापन हेतु उपलब्ध है।

महाविद्यालय मे योग्य, कुशल एवं अनुभवी शिक्षक कार्यरत है | लगभग सभी शिक्षक पी.एच-डी. उपाधि अर्जित कर चुके है | कई प्राध्यापकों की विषय से संबंधित पुस्तके विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय है । महाविद्यालयीन परीक्षाओं में अनेक छात्र-छात्रों का प्रावीण्य सूची में स्थान रहता हैं तथा अनेक प्रथम श्रेणी प्राप्त करते है ।

वर्ष 1949 में स्थापित डी.एन.जैन महाविद्यालय ने तब समाज की आकांक्षाओं और अनिवार्यताओं के अनुरूप अपने को व्यवस्थित किया था लेकिन उसका महत्व आज भी विद्यामान है और वह निरंतर आपने आकर और स्वरूप को समृद्ध एवं सक्षम बनाने की दिशा में विकासोन्मुख है । महाविद्यालय में खेलकूद सांस्कृतिक एवं अकादमिक गतिविधियाँ सक्रिय रूप से कार्यरत रहती है। छात्रों के व्यक्तिगत विकास हेतु स्वामी विवेकानंद रोजगार मार्गदर्शन प्रकोष्ठ व राष्ट्रीय सेवा योजना की दो इकाई स्वतंत्र रूप से कार्यरत है।

लक्ष्य -
  • गुणवत्ता की शिक्षा, चुनौतियां से लड़ने के लिए संकल्प और कुशल जीवन के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
  • छात्रों को प्रेरित करने के लिए शिक्षाविदों और चरित्र के निर्माण में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करते हैं।
  • छात्रों को सशक्त बनाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों के विषय पर जानकारी प्रदान करते हैं।
  • छात्रों के समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करते हैं।
उद्देश्य -
  • गुणात्मक शिक्षण प्रदान करना, और छात्रों एवं छात्राओं को सशक्त बनाना। उन्हें समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाना।
  • छात्रों एवं छात्राओं को बौद्धिक, संवेदनशील और प्रतिबद्ध करने के लिए एक समावेशी समाज का निर्माण करना।
  • छात्रों एवं छात्राओं में नैतिक मूल्यों को जगाना।
Mission - डी.एन. जैन महाविद्यालय के सदस्यों और शिक्षकों का उद्देश्य छात्रों एवं छात्राओं के लिए ज्ञान, अनुसंधान, कौशल, आत्म निर्भरता और मानवतावाद के लिए एक वातावरण उत्पन्न करना है कि वें एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।